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covid-19 with a different perspective(part-2 hindi)




covid-19


एड्स, डेंगू ,कोलेरा,स्वाइन फ्लू।


1.एड्स 

आज के समय इस हम सभी इस बीमारी से परिचित 1976 में इंसान में खोजी गयी,तथा लगभग 50  साल बीत जाने के बाद भी वैज्ञानिक इसकी वैक्सीन बनाने में नाकाम रहे।इस बीमारी ने 2012 तक लगभग 3.6 करोड़ व्यक्तियों की जान ले ली,  तथा 2005 से 2012 के बीच इसकी मृत्यु दर सबसे अधिक रही। आज यह बहुत ही आम बीमारी जिसकी जानकारी सभी व्यक्तियों को ,तथा इस बीमारी से बचाव की प्रक्रिया को हमने अपने जीवन में सहज रूप से धारण कर लिया है। आज हर व्यक्ति इस बात से अवगत है कि सुरक्षित शारीरिक संबंध यानी कि कंडोम का प्रयोग कर इस बीमारी से बचाव किया जाता है । और इस तथ्य को मानव ने अपने जीवन शैली में धारण कर ली है। जो शायद एक समय पर नामुमकिन सा लगता होगा । आज भी इससे मृत्यु होती पर मनुष्य ने अपनी जीवन शैली बदल कर नए बदलाव अपना कर इसका प्रभाव काफी कम कर दिया है।



 2.कोलेरा


1854 में लंदन में ,संक्रमित पानी पीने की वजह से फैली इस बीमारी ने मनुष्य को यह सिखाया की स्वछता का कितना महत्व है, की गंदगी से जन्मा एक बेक्टेरिया इतना भी घातक हो सकता है कि हजारों लोगों की जान ले ले। गंदगी से उठे बैक्टीरिया, डायरिया नाम की बीमारी को जन्म देते हैं। अगर इस डायरिया का समय रहते उपचार न किया जाए तो यह व्यक्ति से उसकी जान भी ले लेता है। इस बीमारी के कारण मानव सभ्यता में स्वछता को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया।और उस स्वछता को पाने और हम अपनी पौराणिक आदतों को बदल दे जिसका प्रयास आज भी हमारी सरकार,थिंक-टैंक,सिविल सोसाइटी अपने अपने स्तर पर कर रही हैं।

एक और बीमारी की चर्चा करते ह जिस रहने के तौर तरीकों पर प्रभाव डाला।


 3.डेंगू


आज कल की चर्चित बीमारियों में से एक है यह, मच्छरों के द्वारा फैलाई जाने वाली बीमारी, जिसने हजारों लोगों को मौत के घाट उतारा। जब लोगों को इस बात का पता चला कि यह बीमारी फैलाने वाला मच्छर हमारे घर में,घर के आस पास पाए जाने वाले ठहरे पानी में पनपता है तो समाज में यह जारूकता का प्रचार किया गया कि हमें अपना रहन सहन बदलना होगा।गंदगी को आस पास बसने नहीं दिया।जिसके लाभ समाज को अवश्य मिला।और हमें यह प्रयत्न निरंतर जारी रखने होंगे ,जिससे हम एक स्वस्थ्य समाज का निर्माण कर सके।

दोस्तों,जैसे पहले आयी महामारियों में हमने खुद को बदला है, आज भी जीवन में वैसा ही परिवर्तन लाने का समय है।
जिससे हम अपने परिवार को ,समाज को ,देश को covid-19  संकट काल से पार करा सकें।।

धन्यवाद।।

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-Naman Jain
 

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