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Olive oil's benefits(ऑलिव ऑयल के फायदे)


ऑलिव ऑयल(जैतून का तेल)

पोषक तत्वों(विटामिन्स,मिनिरल्स) से भरपूर तथा स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक इस तेल को ऑलिव से प्राप्त किया जाता है।  इसका इस्तेमाल कुकिंग,बॉडी मसाज, हेयर ऑयल के तौर पर और भोजन में सलाद को स्वादिष्ट बनाने के लिए ऊपर से डाला जाता है। इस ऑयल की एक और खासियत यह है कि इसमें एंटिग - एजिंग तत्व भी पाए जाते हैं। 

✓इसको सर पर मसाज करने से डैंड्रफ की समस्या से भी छुटकारा मिल जाता है। और हम जानते हैं कि डैंड्रफ बालों की झड़ने का एक मुख्य कारण है।

✓यह विटामिन-ई, विटामिन के, आयरन, ओमेगा-3 व 6 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है.

✓ऑलिव ऑयल को बादाम तेल व कैस्टर ऑयल  के साथ मिला कर लगाने से बालों की ग्रोथ तेज़ी से बढ़ती है,तथा बाल काले, घने व चमकदार बनते हैं।

✓रिसर्च से सामने आया है कि ऑलिव ऑयल में हीलिंग प्रॉपर्टीज होती है,जिससे यह हार्ट के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध माना गया है। इसको सेवन से यह पाया गया है कि यह दिल की धमनियों को दुरुस्त करता है।

✓भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सिडेंट गुण होने के कारण इसके इस्तेमाल से फ्री रैडिकल डैमेज से बचाव रहता है।

✓तीस के बाद महिलाओं की बोन हेल्‍थ प्रभावित होती है. इसलिए डाइट में ऑलिव ऑयल का इस्‍तेमाल करना चाहिए. आप इससे ज्‍वाइंट्स की मालिश भी कर सकती हैं. इससे ऑस्टियोपोरोसिस से बचा जा सकता है.

✓विटामिन ई से भरपूर होने के कारण यह त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है।

✓कब्‍ज में काफी फायदेमंद है. इसमें प्रचुर मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है. जैतून का तेल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट और पेट के लिए बहुत फायदेमंद है. इसके नियमित सेवन से कब्ज में आराम मिलता है.

✓ऑलिव ऑयल या वर्जिन ऑलिव ऑयल के सेवन से अल्जाइमर जैसी याददाश्त संबंधी परेशानी से बचा जा सकता है. जैतून के तेल में पॉलीफेनोल होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं. ये याददाश्त को बेहतर करते हैं।



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-Naman Jain

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दवाइयों का सामान्य ज्ञान।।

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चर्चा में होने का कारण हिमालयन वियाग्रा को IUCN की लाल सूची में असुरक्षित प्रजाति(Vulnerable) का दर्जा दिया गया, बाजार में इस फंगस ,हिमालयन वियाग्रा की  कीमत 20 लाख रुपये प्रति किलो तक है। ■ हिमालयन वियाग्रा - यह फंगस एक प्रकार का परजीवी है जो  अपने विकास के लिए किसी दूसरे जीव पर निर्भर रहता है, दूसरे जीव को यहां caterpillar कहा जाता है जिसके अंदर यह फंगस अपना विकास करता है, यह फंगस चीन,कोरिया में बहुत प्रचलित है जिसका उपयोग कामोत्तेजना में किया जाता है जिसे तकनीकी रूप में Aphrodisiac  कहा जाता है।   इस फंगस का वैज्ञानिक नाम -  Cordyceps fungus- ophiocordyceps sinensis  इस  फंगस को कई अलग अलग नामों से जाना जाता है। ●हिमालयन वियाग्रा ●चीनी कैटरपिलर फंगस ● यरतसा गम्बू ●कीड़ा जड़ी ■यह फंगस का रहवास हिमालयन के पर्वतों पर है, जहाँ की समुद्र तल से ऊंचाई 3000 मीटर से 5000 मीटर हो। यह उत्तराखंड,सिक्किम,नेपाल,,तिब्बत,भूटान,चीन के प्रान्त यूनान में अधिक पायी जाती है। इस फंगस को लैबोरेटरी में नहीं बनाया जा सकता ,यह प्राकृतिक वातावरण में ही मिलती है जहाँ साल के अधिकांश समय बर्फ की चादर और गर्मियों म