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Showing posts from September, 2020

cervical pain (गर्दन का दर्द) - causes, symptoms, treatment.

आज की हमारी जीवन शैली,रहन सहन इस प्रकार का हो गया है कि जो रोग, शारीरिक पीड़ाएं एक उम्र के बाद होते थे वो अब जीवन की किसी भी अवस्था में होने लगे हैं।उनमें से एक है बीमारी है सरवाइकल पैन (गर्दन का दर्द)। आज के समय में एक आम जिन्दगी इतनी अस्त -व्यस्त हो चुकी है कि उसे अपने शरीर पर ध्यान देने तक का समय नहीं है। हम शारीरिक व्यायाम से  दूर हो चुके है जिस कारण कई बीमारियों को हम अपने शरीर में रहने का न्यौता दे देते हैं। यही वजह है कि आज के समय लोगों को रीढ की हड्डी से सम्बन्धित बीमारियां बढ़ती जा रही है।सरवाइकल पैन,शुरुआत में गर्दन के दर्द या अकड़न के साथ शुरू होता है या गर्दन के आस पास के हिस्से में दर्द रहने लगता है। अगर यह अधिक समय तक रहे तो यह सर्वाइकल  में बदल जाता है। समय रहते देखभाल व पूर्ण इलाज लिया जाए तो इस बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है। अगर शुरुआती समय में ध्यान ना दिया जाए तो समय के इसका दर्द इतना बड़ जाता है कि वो असहनीय बन जाता है।तथा  जिसके बाद सामान्य इलाज से ठीक होना मुश्किल हो जाता है।जिसके चलते कई बार ऑपरेशन तक कराना पड़ सकता है। सरवाइकल पैन के प्रकार सर्वाइकल स्पॉन्डि

सम्पूर्ण आहार-कैसे रखे खुद को स्वस्थ्य?

भोजन, सम्पूर्ण आहार ना होने पर यह अनेक प्रकार की बीमारियों का कारण बनता हैै। सम्पूर्ण आहार ग्रहण करने से हमारे शरीर को  महत्वपूर्ण प्रकार के पोषक तत्वों की कमी पूर्ण हो जाती है। जिसके चलते हम बीमारियों से सुरक्षित रह पाते है। शरीर में किसी भी प्रकार के पोषक तत्व की कमी अनेक प्रकार की बीमारियों का कारण बनती हैै। भोजन में विविधता आवश्यक है,जिससे हमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व,विटामिन,मिनिरल्स,माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की बराबर मात्रा मिलती रहे।अगर हम एक ही प्रकार का भोजन बार बार करेंगे तो इससे एक प्रकार के पोषक तत्व की अधिकता वी अन्य की कमी देखी जा सकती है।जो कि अपने आप में बहुत नुकसान देह है। आयुर्वेद व आधुनिक रिसर्च में पाया गया है कि एक प्रकार का भोजन बार बार करने से हमें बीमारियों का सामना करना पड़ता है कई बार यह कैंसर का कारण भी देखा गया है। शरीर की इम्यूनिटी के कमजोर होने का कारण पोशक तत्वों का पूर्ण रूप में नए मिलना भी होता है।अगर हम शरीर को पूर्ण रूप से पोषित करते रहेंगे तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी अच्छा रख सकेंगे। भोजन में क्या शामिल करें। अनाज अलग अलग प्रकार के अनाजों क

दवाईयों का सामान्य ज्ञान भाग -5 (skin diseases and thier cure)

"दवाईयों का सामान्य ज्ञान"  श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज आपको त्वचा से सम्बन्धित बीमारियों के दवाइयों के बारे में  बताएंगे। त्वचा रोग आज के समय के समय सबसे सामान्य बात हो गई है। बहुत अधिक संख्या में व्यक्ति इससे ग्रसित है। इसी बात को ध्यान में रख कर आपके लिए आज सोरायसिस,एक्जिमा, खुजली के बारे में बताएंगे। पिछले पार्ट में त्वचा रोगों के सामान्य उपचार के बारे में बताया था जिसमें वो तरीका फॉलो करने पर अधिकतर सभी को लाभ मिल जायेगा,लेकिन आज कुछ विशेष दवाइयों के बारे में आपको बताएंगे जो खास बीमारियों पर खास असर करती हैं। इसमें दवाई,प्राकृतिक औषधि, नेचुरोपैथी के बारे में चर्चा करेंगे। जैसा कि आप सब को ज्ञात है कि त्वचा रोग होने में सबसे अधिक भूमिका विरुद्ध आहार निभाता है। इसके अलावा दूसरे अन्य कारण भी होते हैं जैसे लीवर कमजोर,पानी में लंबे समय तक काम करना,किसी खास प्रकार की स्किन एलर्जी,प्रदूषण, सेल्स डिसऑर्डर ,वातावरण में बदलाव भी कारगर साबित होते हैं।   सोरायसिस सोरायसिस ऑटो इम्यून स्किन डिसऑर्डर है, जिसमें त्वचा की कोशिकाएं सामान्य  से अधिक तेज़ी से बढ़ती हैं।जिससे य

विरुद्ध आहार(Incompatible food combinations) - जानें क्या होता है विरुद्ध आहार

विरुद्ध आहार आयुर्वेद जगत में इसकी अपनी महिमा है अगर आप आयुर्वेद को अपने जीवन में अपनाना है,स्वस्थ जीवन जीना है तो आपको इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए कि किस प्रकार का भोजन कब करना चाहिए तथा किस प्रकार का भोजन साथ में नहीं करना चाहिए। आप जीवन में कुछ छोटी छोटी बातों को अपना ले तो आप बहुत सी बीमारियों से बचे रहेंगे। इसके लिए आपको केवल अपनी आदतों में परिवर्तन लाना है। विरुद्ध आहार के सेवन से बल,बुद्धि, वीर्य का नाश होता है,पेट के रोग ,त्वचा के रोग, बवासीर,सूजन,एसिडिटी,सफेद दाग,ज्ञानेन्द्रियो में विकृति,अष्टौमहागद अर्थात् आठ प्रकार की असाध्य व्याधियां उत्पन्न होती है।विरुद्ध आहार मृत्यु का भी कारण बन सकता है। क्या होता है विरुद्ध आहार? विरुद्ध आहार से तात्पर्य ऐसे भोजन से जिनकी तासीर भिन्न भिन्न हो, या दो अलग अलग भोजन जिनके गुणधर्म अलग अलग हो का एक साथ सेवन न करना उचित होता है। कुछ भोजन संयोग विरोधी,संस्कार विरोधी,देश विरोधी कल विरोधी भी होते हैं। कुछ नामों की सूची जो भोजन साथ में नहीं करना चहिए। -दूध और कटहल कभी साथ में नहीं लेने चाहिए। -दूध के साथ नमक का सेवन हानिकारक होता