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दवाईयों का सामान्य ज्ञान भाग -5 (skin diseases and thier cure)

"दवाईयों का सामान्य ज्ञान"  श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज आपको त्वचा से सम्बन्धित बीमारियों के दवाइयों के बारे में  बताएंगे। त्वचा रोग आज के समय के समय सबसे सामान्य बात हो गई है। बहुत अधिक संख्या में व्यक्ति इससे ग्रसित है। इसी बात को ध्यान में रख कर आपके लिए आज सोरायसिस,एक्जिमा, खुजली के बारे में बताएंगे।
पिछले पार्ट में त्वचा रोगों के सामान्य उपचार के बारे में बताया था जिसमें वो तरीका फॉलो करने पर अधिकतर सभी को लाभ मिल जायेगा,लेकिन आज कुछ विशेष दवाइयों के बारे में आपको बताएंगे जो खास बीमारियों पर खास असर करती हैं। इसमें दवाई,प्राकृतिक औषधि, नेचुरोपैथी के बारे में चर्चा करेंगे।

जैसा कि आप सब को ज्ञात है कि त्वचा रोग होने में सबसे अधिक भूमिका विरुद्ध आहार निभाता है। इसके अलावा दूसरे अन्य कारण भी होते हैं जैसे लीवर कमजोर,पानी में लंबे समय तक काम करना,किसी खास प्रकार की स्किन एलर्जी,प्रदूषण, सेल्स डिसऑर्डर ,वातावरण में बदलाव भी कारगर साबित होते हैं।
 

सोरायसिस

सोरायसिस ऑटो इम्यून स्किन डिसऑर्डर है, जिसमें त्वचा की कोशिकाएं सामान्य  से अधिक तेज़ी से बढ़ती हैं।जिससे यह त्वचा में खुजली,सुखी,परतदार त्वचा का निर्माण करती हैं।

सोरायसिस-एक्जिमा  के देशी नुस्खे 

•महेंदी और नीम के पत्तों को पीस कर उस जगह जगह लगाए जहां त्वचा पर समस्या हो।

•करेला या करेला के पत्तों के रस का 2 से 3 चम्मच सेवन नियमित रूप से करें यह सोरायसिस,एक्जिमा में लाभदायक होता है।

•प्रभावित अंग को ताजे केले के पत्ते से ढक दें।

•खीरे का रस, गुलाब जल व नींबू के रस को समान मात्रा में मिलाकर इसे रात में लगाएं।

दवाई -

आयुर्वेदिक -

• चरक की Imupsora

ऐलोपैथिक

•Itraconazole

शीतपित्त(Urticaria)

-शीत होने पर नारियल का तेल व देशी कपूर मिला कर प्रभावित हिस्से पर लगाए ।खुजली में आराम मिलेगा।

- 5-6 काली मिर्च , 3-4 चम्मच घी, 4-5 चम्मच भूरा मिला कर खाया जाए तो शितपित्त में तुरन्त आराम मिलता है।

दवाई

Avil 25mg+ dexamethasone+cetrizine
भोजन के बाद ले शीतपित में आराम मिलेगा।।

खाज -खुजली

मौसम बदलने के साथ साथ त्वचा संबंधी रोग भी बढ़ने लगते हैं।
जैसे दाद खाज खुजली । इन्हें समय पर नहीं रोका गया तो यह आगे चल कर एक्जिमा का रूप भी ले सकते हैं। इसीलिए समय रहते इसकी रोकथाम जरूरी है।

देशी नुस्खे

• 5 ग्राम काली मिर्च को पीस कर देशी घी के साथ लेने पर सभी प्रकार की खुजली में लाभ मिलता है।
•खुजली,त्वचा में जलन होने पर जीरे को गरम पानी में पीसकर लगाने से लाभ मिलता है।
•चन्दन के तेल में नींबू का रस मिला कर शरीर पर  लगाने से खुजली में तुरन्त आराम मिलता है।

ऐलोपैथिक दवाई -

लगाने हेतु।
• scarb lotion
•lindane and cetrimide lotion
•calamine and diphenhydramine HCl lotion

खाने हेतु।
•avil
•cetrizine
•griseopfulvin
•Dimetindene maleate 

दाद(Ringworm)

दाद रोग फफूंदी के कारण उत्पन्न होता है। इस रोग के रोगाणु बालों की जड़ों पर आक्रमण करते हैं तथा शरीर व कपाल दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।

देशी नुस्खे

•गुलकंद, दूध के साथ लेने में फायदा मिलता है।
•सुहागा व चन्दन रगड़ कर दाद पर लगाने से तुरन्त आराम मिलता है।
•पुराने दाद पर अनार के पत्तों पर पीस कर लेप करें।
•इमली के पत्तों का रस दाद पर लगाने से  खुजली शांत होती है।

एलोपैथिक दवाई

•Tigboderm
•Betnovate-C
•Quariderm
•B-Tax


खुद को स्वस्थ्य रखें।अपना व अपनों का ख्याल रखें।
अच्छा खाये,अच्छे रहे।

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-Naman Jain

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दवाइयों का सामान्य ज्ञान (भाग-2)

दोस्तों, कोरोना महामारी में लॉक डाउन की घोषणा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हम सबको सलाह दी थी कि इस समय सामान्य बीमारियों के लिए के इलाज के लिए कम से कम अस्पताल जाने की सलाह दी थी,जिससे उन पर पड़ने वाला दबाब कुछ हद तक कम हो सके। उनकी सलाह का अनुसरण करते हुए हमारे कुशल डॉक्टरों ने कुछ बीमारियों के लिए दवाइयों के नाम सुझाये हैं। सामान्य स्थिति में आप इस दवाओं का सेवन कर सकते हैं अगर आप किसी स्पेशल मेडिकल कंडीशन में हैं या आप गर्भवती हैं, तो इन दवाओं के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।। कुछ दवाओं के नाम इस प्रकार हैं।   ◆सर दर्द- vasograin,saridon,disprin  ◆उल्टी - vomikind, reglan  ◆दस्त - Norflox-TZ,Brakke,O2 ◆एलर्जी - cetrazin,CZ3,Avil ◆चक्कर- stementil-MD ◆मंसूडों का दर्द- Flozan-AA+Prednisolone मंसूडों में दर्द अधिक होने पर इन टेबलेट के साथ Dentaforce-DT या ketorol-DT का सेवन कर सकते हैं। ◆एलर्जी से जुक़ाम/ छीकें आना - monticope, milolast-LC ◆कमजोरी/थकान महसूस होने पर- cap. Neurokind gold ,Zincovit, revital ◆छाले होने पर-Antibiotic tablet+ because ◆फंगल इन्फेक्शन होन

दवाइयों का सामान्य ज्ञान।।

आज, कोरोना महामारी की वजह से अस्पतालों पर असामान्य रूप से मरीजों का दबाब बढ़ता जा रहा है, डॉक्टर सामान्य मरीजों को पूर्ण समय देने में असमर्थ हैं तथा हमें भी सामान्य बीमारियों में अस्पताल जाने से बचना चाहिए तथा उन छोटी छोटी बीमारियों के इलाज की जानकारी स्वयं रखना चाहिए, आज में आपके साथ कुछ सामान्य बीमारियों की के ईलाज़ के लिए ली जाने वाली दवाईओ के बारे मे अपना ज्ञान साझा करना चाहता हूं।।   रोग                         --                    दवाई सामान्य बुख़ार          --     पेरासिटामोल सामान्य शारीरिक दर्द--   असक्लोफेनक, निमेसुलीड, डिक्लोफेनेक दर्द+सूजन   -- असक्लोफेनक+serratiopeptidase      "" "".      --Diclofenac +serratiopeptidase पेट दर्द       -- मेफ्टल सपास  ज़ुकाम     -- सिनरेस्ट, सूमो कोल्ड, हैट्रिक-3.. खांसी     - - Tussin-DMR, ambroxil....  ज़ुकाम, खांसी की दवा के साथ एंटीबायोटिक दवा भी ली जा सकती है जो काफी असरदारक साबित होती हैं संक्रमण को रोकने के लिए, कुछ एंटीबायोटिक दवा--- Azithromycin, levofloxaxin ।।।  घुटने का दर्द। -- Glucosamine ।। नोट:-

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