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विरुद्ध आहार(Incompatible food combinations) - जानें क्या होता है विरुद्ध आहार

विरुद्ध आहार

आयुर्वेद जगत में इसकी अपनी महिमा है अगर आप आयुर्वेद को अपने जीवन में अपनाना है,स्वस्थ जीवन जीना है तो आपको इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए कि किस प्रकार का भोजन कब करना चाहिए तथा किस प्रकार का भोजन साथ में नहीं करना चाहिए। आप जीवन में कुछ छोटी छोटी बातों को अपना ले तो आप बहुत सी बीमारियों से बचे रहेंगे। इसके लिए आपको केवल अपनी आदतों में परिवर्तन लाना है।

विरुद्ध आहार के सेवन से बल,बुद्धि, वीर्य का नाश होता है,पेट के रोग ,त्वचा के रोग, बवासीर,सूजन,एसिडिटी,सफेद दाग,ज्ञानेन्द्रियो में विकृति,अष्टौमहागद अर्थात् आठ प्रकार की असाध्य व्याधियां उत्पन्न होती है।विरुद्ध आहार मृत्यु का भी कारण बन सकता है।

क्या होता है विरुद्ध आहार?

विरुद्ध आहार से तात्पर्य ऐसे भोजन से जिनकी तासीर भिन्न भिन्न हो, या दो अलग अलग भोजन जिनके गुणधर्म अलग अलग हो का एक साथ सेवन न करना उचित होता है। कुछ भोजन संयोग विरोधी,संस्कार विरोधी,देश विरोधी कल विरोधी भी होते हैं।

कुछ नामों की सूची जो भोजन साथ में नहीं करना चहिए।

-दूध और कटहल कभी साथ में नहीं लेने चाहिए।

-दूध के साथ नमक का सेवन हानिकारक होता है।

-भोजन के तुरन्त बाद पानी नहीं पीना चाहिए ये जठराग्नि को बुझा देती है जो कि भोजन पचाने के लिए आवश्यक है।

-शहद,घी,तेल,पानी इन चारों में से कोई दो या तीन सामान मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए।

-शहद और घी सामान मात्रा में लेने पर जहर के  समान है।

-दूध के साथ उड़द, मूंग चना सभी प्रकार की दाल नहीं लेना चाहिए

-दूध के साथ खट्टे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए यह संयोगविरूध है।इससे पेट में खमीर बनता है, दोनों के सेवन के बीच में कम से कम एक से दो घण्टे का फर्क रखें।

-दूध और दही साथ में नहीं लेना चाहिए। दही खमीर वाली चीज है, साथ सेवन करने से दही अच्छी चीज कि खमीर(खराब) बना देती है। इसके सेवन से एसिडिटी बढ़ती है।गैस,उपच, उल्टी हो सकती है।

-दही व शहद गरम करने पर विकृत बन जाते हैं,दही का कढ़ी बना सकते हैं।

-जौ का आटा किसी अन्य आटा के साथ मिला कर ही खाए।

-दूध के साथ मछली खाने से बचे।अन्य मासाहार खाना भी न खाए।

-रात्रि के समय दही का सेवन निषेद है।

-खाने के बाद चाय पीने की अलग परम्परा हमारे यहां बनी हुई है,लोगों का मानना है कि यह पाचन को बढ़ाता है पर यह गलत है। हालांकि भोजन के बाद ग्रीन टी, डाइजेस्टिव टी, सौफ, दाल चीनी, अदरक की चाय ले सकते हैं बिना दूध के।

-प्रातः काल के भोजन के बाद तेज़ तेज़ नहीं चलना चाहिए तथा शाम के भोजन के बाद टहलना आवश्यक है। यदि आप देर रात्रि भोजन करते है तो भोजन के बाद नियम से टहलना जरूरी है।



आज के समय हम स्वाद के गुलाम होते जा रहे है। स्वाद के नाम पर किसी भी तरह के खाने के सेवन का मजा लेते जा रहे हैं। पर यह हमें इस बात की जानकारी भी रखनी चाहिए कि क्या सेवन करे और सबसे जरूरी बात की हमें क्या क्या सेवन नहीं करना चाहिए, जो शायद सबसे महत्वपूर्ण है।

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-Naman Jain

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दवाइयों का सामान्य ज्ञान।।

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